जीवनी
परिचय
अल-ग़ज़ाली ने यह तर्क देकर इस्लामी बौद्धिक जीवन को नई दिशा दी कि सच्चा ज्ञान कठोर तर्कशीलता और आध्यात्मिक शुद्धि के संयोजन से मिलता है। गहरे संशय के संकट के बाद वे सूफ़ीवाद की ओर मुड़े, लेकिन अश'अरी कलाम और शाफ़ी फ़िक़्ह में अपनी जड़ें बनाए रखीं। उनके संश्लेषण ने तर्क और भक्ति को सुलझाया और सुन्नी धर्मशास्त्र को आकार दिया, जिसका प्रभाव इस्लाम से परे मध्यकालीन विचार पर भी पड़ा।
अल-ग़ज़ाली की दुनिया, वर्ष-दर-वर्ष
लगभग 1058लगभग 1111
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दिनांकित तथ्य
विवरण · Wikipedia से मिलाया गया अंग्रेज़ी में स्रोत पढ़ें
- 1058Al-Ghazali was born c. 1058 CE in Tabaran, a town in the district of Tus, Khorasan, and was of Persian descent.
- 1085He studied in Nishapur under the jurist and theologian al-Juwayni until al-Juwayni's death in 1085 CE.
- 1091He joined the court of the Seljuk vizier Nizam al-Mulk, who in July 1091 CE appointed him professor at the Nizamiyya of Baghdad.
- 1095In 1095 CE he underwent a spiritual crisis, abandoned his career and left Baghdad, adopting an ascetic life.
- 1106In 1106 CE he resumed teaching at the Nizamiyya of Nishapur, and near the end of his life wrote his autobiography, Deliverance from Error.
- 1110He returned to Tus, declined a 1110 CE invitation to return to Baghdad, and died on 19 December 1111 CE.
एक ही समय में जीवित
साझा वर्ष समान वर्ष; प्रभाव का दावा नहीं
इस जीवनकाल के युद्ध
- Norman Conquest of Southern Italy
- Norman Conquest of England
- Ghana–Almoravid Conflict
- Byzantine–Seljuk Wars
- Seljuk Turkish Conquests
- Kipchak–Cuman Wars with Kievan Rus
स्रोत
मुख्य कार्य और आगे की पढ़ाई।
प्राथमिक स्रोत
- Ihya’ ‘Ulum al-Din (The Revival of the Religious Sciences)
- Tahafut al-Falasifa (The Incoherence of the Philosophers)
- Al-Munqidh min al-Dalal (Deliverance from Error)
- Mishkat al-Anwar (The Niche of Lights)
- Wikipedia
आगे की पढ़ाई
- Al-Ghazali's Path to Sufism (tr. R. J. McCarthy)
- The Niche of Lights (tr. D. Buchman)
- Al-Ghazali's Philosophical Theology - Frank Griffel
FAQ
अल-ग़ज़ाली के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल।
अल-ग़ज़ाली कौन थे?
अल-ग़ज़ाली ने यह तर्क देकर इस्लामी बौद्धिक जीवन को नई दिशा दी कि सच्चा ज्ञान कठोर तर्कशीलता और आध्यात्मिक शुद्धि के संयोजन से मिलता है। गहरे संशय के संकट के बाद वे सूफ़ीवाद की ओर मुड़े, लेकिन अश'अरी कलाम और शाफ़ी फ़िक़्ह में अपनी जड़ें बनाए रखीं। उनके संश्लेषण ने तर्क और भक्ति को सुलझाया और सुन्नी धर्मशास्त्र को आकार दिया, जिसका प्रभाव इस्लाम से परे मध्यकालीन विचार पर भी पड़ा।
अल-ग़ज़ाली किसके लिए सबसे ज़्यादा जाने जाते थे?
अल-ग़ज़ाली एक धर्मगुरु के रूप में सबसे ज़्यादा जाने जाते हैं। इस्लामी धर्मशास्त्री, न्यायविद और दार्शनिक जिन्हें 'इस्लाम का प्रमाण' कहा जाता है; सूफ़ीवाद को अश'अरी धर्मशास्त्र के साथ जोड़ा और मध्यकालीन इस्लामी विचार को नए सिरे से ढाला।
अल-ग़ज़ाली कब जीवित रहे?
अल-ग़ज़ाली 1058-1111 CE जीवित रहे, मध्यकालीन काल के दौरान।
क्या मैं अल-ग़ज़ाली के AI संस्करण से चैट कर सकता/सकती हूँ?
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